*छत्तीसगढ़िया के लिए संतुलित बजट… उत्साह नहीं तो निराशा भी नहीं… अधिवक्ता चितरंजय*
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9 वीं मर्तबा बजट पेश करनी वाली ऐतिहासिक वित्त मंत्री साबित हुई हैं उन्होंने इस बजट में रोजगार, स्वास्थ्य, निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया है। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने देश के चार राज्यों-ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के लिए माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया है जिससे खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसमें छत्तीसगढ़ को शामिल किए जाने की बात हुई,पर भाषण में ऐलान नहीं होने प्रदेश वासियों को मायूसी हुई तो वहीं कहा जा रहा है कि यह छत्तीसगढ़ से होकर जाएगी।
वित्त मंत्री ने हर जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत लड़कियों के लिए गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है तथा तीन नए आयुर्वेद एम्स खोलने, कैंसर_शुगर सहित 17 दवाइयों को सस्ता करने का ऐलान किया है और 15 पुरातात्विक स्थलों के विकास की घोषणा की गई है। साथ ही आयकर की पुरानी स्लैब कायम रहने से मध्यम वर्ग को राहत है।
इस बजट के संबंध में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय सिंह पटेल ने कहा कि यद्यपि सरकार की ओर से इसे विकसित भारत हेतु संकल्प का बजट बताया गया है पर छत्तीसगढ़ राज्य के लिए इसे संतुलित बजट ही कहा जा सकता है क्योंकि इस बजट से आम छत्तीसगढ़िया बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं है पर राज्य को हतोत्साहित होने का कारण भी नजर नहीं आ रहा है।
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