पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आमजनता से लिया जाएगा आवेदन
ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में लिए जायेंगे आमजन से आवेदन
सक्ती, 7 अप्रैल 2025/ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में ‘सुशासन तिहार -2025’ के आयोजन का ऐलान किया है, जो शासन प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को सुनिश्चित करेगा। ‘सुशासन तिहार -2025’ अंतर्गत पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आमजनता से आवेदन लिया जाएगा l आमजनता से उनकी समस्याओं के सम्बन्ध में ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किये जाएंगे l यह आयोजन प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद का एक अहम मंच बनेगा, जिससे विकास कार्यों में गति और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार लगातार सुशासन की स्थापना की दिशा में काम कर रही है। इस तिहार के माध्यम से हम जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से करेंगे और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
सुशासन तिहार-2025 की प्रमुख विशेषताएं
सुशासन तिहार-2025 का पहला चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक होगा, जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं के आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। यह आवेदन ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में समाधान पेटी के माध्यम से प्राप्त होंगे। अधिकारियों को समय सीमा के भीतर इनका समाधान सुनिश्चित करना होगा। आवेदन के निराकरण की गुणवत्ता की समीक्षा राज्य और जिला स्तर पर की जाएगी।
तीन चरणों में होगा सुशासन तिहार 2025 का आयोजन
“सुशासन तिहार-2025” का आयोजन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस तिहार को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए है एवं एक पोर्टल बनाया जा रहा है।
आवेदन प्राप्ति और निराकरण की प्रक्रिया
आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर “समाधान पेटी” रखी जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर भी की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार हाट बाजारों में भी आवेदन संग्रह किये जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी पोर्टल में व्यवस्था रहेगी।
आवेदनों का निराकरण
सभी प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा और संबंधित जिला,जनपद, नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जाएगा। संबंधित विभाग, अधिकारी लगभग एक माह में इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जाएगा। इन आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर किया जाए।
समाधान शिविर
समाधान शिविरों का आयोजन 05 मई से 31 मई 2025 तक किया जाएगा। इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी l नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार समाधान शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि भी पोर्टल में की जाएगी तथा जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में सम्भव हो, शिविर में किया जाएगा, शेष आवेदनों का समाधान एक माह में कर आवेदकों को सूचित किया जाएगा।
*समाधान शिविरों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जाएगी जानकारी*
शिविरों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र , प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक शिविर के लिए एक खंडस्तरीय अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा , जो शिविर के समुचित संचालन को सुनिश्चित करेंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी की जाएगी।
विकास कार्यों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारी प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हो रहा है और लोगों को उनका लाभ मिल रहा है।
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