विधानसभा जैजैपुर के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायत में जैसे छिता पड़रिया खम्हरिया अकलसरा लोहार कोट इसके अलावा अन्य ग्राम पंचायत में संचालित पत्थर खदानों के निम्न कारणो से क्षेत्र आम जनों को भारी परेशानी हो रही है तथा यह कह सकते हैं कि उनके जीवन अस्त-व्यस्त एवं बदहाल हो रहा है
दर्रा भाठा(ठठारी) से कचंदा तक कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित है जिसकी क्षमता छोटी गाड़ीयों एवं दो पहिया वाहनों के लिए उपयुक्त है किन्तु इस सड़क पर प्रति दिन हजारों की संख्या में अत्यधिक भार वाले ओभर लोड हाईवा चल रहा है जिसके कारण सड़कों की हालत दयनीय हो गई है तथा आम जनों को पैदल चलने वक्त कुचले जाने की संभावना बनी रहती है
विभिन्न ग्राम पंचायतों में खदान संचालित जिसमें खदान के अंदर पत्थर फोड़ने के लिए ड्रिल करके डायनामाइंड का उपयोग ब्लास्टिंग किया जाता है जिससे क्षेत्रवासी सुरक्षित या सहज महसूस नहीं करते हैं
खदानों में ब्लास्टिंग के कारण खदानों के आसपास के खेतो में पत्थरों के छोटे बड़े टुकड़े किए रहते हैं जिससे उन खेतों के मालिकों को मालिकों को खेती के लिए खेत जाने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं क्योंकि पत्थरों के छिटक कर गिरने से कभी भी कुछ भी दुर्घटना होने की संभावना लगी रहती है इसके अतिरिक्त आसपास के खेतों में पत्थरों के छोटे बड़े टुकड़ा पट या पाटें गायें है जिस जिस से खेत बंजर हो रहा है जो कि किसानो के लिए बहुत हानिकारक है
क्षेत्र के संचालित सभी पत्थर खदानों के मालिकों के द्वारा लीज किराया आबंटित क्षेत्रफल रकबा की सीमा को पर कर उसकी निजी जमीन से सटे हुए शासकीय जमीन या अन्य जमीन को अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया है जो कि स्थानीय निवासियों के अधिकारों का हनन एवं इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा पूर्व में अनेकों बार शिकायत किया जा चुका है किंतु आज तक जन समुदाय हित में कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है जिससे खदान मालिकों का मनोबल बढ़ा हुआ है तथा बेखौफ खनिज संसाधनों का अनावश्यक दोहन कर रहे हैं
पूर्व में संचालित खदानों में से पत्थर निकाल लिया गया है और उसे उसमें मिट्टी फीलिंग नहीं की गई है जिसकी लगभग गहराई 80 से 100 फीट की हो गई और चौड़ाई लगभग 2 से 3 एकड़ का एक ही खदान होगा जिसके कारण आए दिन मवेशी गिरकर मौत होने का सिलसिला अनवरत जारी है
बस्ती बाराद्वार में चुना भट्टी संचालित है जिसमें मानक से अधिक मात्रा में कच्चा दुआ निकलता रहता है जिसके कारण आसपास के गांवों में वायु प्रदूषण अधिक बढ़ गया है जिससे इन ग्राम वासियों को हृदय घात जैसे फेफड़ों में संबंधित बीमारियां अपनी चपेट में ले रहा है इसके अतिरिक्त विषाक्त हवा विषाक्त भोजन विषाक्त पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी अन्य जटिल समस्याएं उत्पन्न हो रही है इसके अतिरिक्त प्रदूषण के कारण मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी समाप्त हो रही है उपरोक्त कर्ण का संबंध में संबंधित समस्याओं शारीरिक समस्याओं से दिनों दिन। जुझते जा रहें हैं
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